नई दिल्ली: गृह मंत्रालय की ओर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों के चलते पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. बता दें कि गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है. साथ ही बता दें कि PFI के अलावा उनके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन(केरल) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि बाय-बाय पीएफआई. साथ ही उन्होंने गृह मंत्रालय की अधिसूचना की कॉपी भी साझा की है.
BYE BYE PFI pic.twitter.com/aD4kfwCvsu
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) September 28, 2022
पीएफ़आई की आतंकी फंडिंग और अन्य गतिविधियों पर बीते मंगलवार एनआईए समेत सुरक्षा एजेंसियों ने फिर से एक बार कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और मध्य प्रदेश में 230 से अधिक लोग हिरासत में लिया. एनआईए व पुलिस टीमों ने मंगलवार तड़के से ही पीएफआई के ठिकानों पर छापे मारने शुरू किए, जो दिनभर चले. कर्नाटक में सर्वाधिक 80, जबकि यूपी में 57 लोगों को पकड़ा गया है.
बता दें कि इससे पहले भी एनआईए ने ईडी और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 100 से अधिक पीएफ़आई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था. गुप्त सूचना के आधार पर पिछली कार्रवाई के बाद पीएफआई की पूरे देश में प्रदर्शन व आतंकी वारदात के जरिये कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश थी. इसे देखते हुए ऐसे इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. असम व महाराष्ट्र में 25-25 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

