एक शाम वतन के नाम गीत प्रतियोगिता

व्यवहार में दिखे देश प्रेम -मुनि प्रशांत

कांटाबांजी (वर्धमान जैन): मुनि प्रशांत कुमार जी के सान्निध्य मुनि कुमुद कुमार जी के निर्देशन में एक शाम वतन के नाम गीत प्रतियोगिता तेरापंथ कन्या मण्डल द्वारा आयोजित हुई। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुनि प्रशांत कुमार जी ने कहा – देश भक्ति के गीतो की सुन्दर प्रतियोगिता आयोजित हुई। देश भक्ति के गीत सभी को प्रिय लगते है। देख गीत सुनने से देश प्रेम जागृत होता है। केवल गीत से ही नही व्यवहार से भी देश भक्ति की भावना रहनी चाहिए । बारह महीने हर दिन देश भक्ति का भाव रहना चाहिए। देश के प्रति कर्तव्य एवं देश के विकास में योगदान पर चिंतन करना चाहिए। हमारे व्यवहार एवं आचरण से देश की ताकत बढ़ती है। नागरिक का आचरण देश प्रेम से जुडा हुआ होना चाहिए। हमारे कारण देश का अहित न हो वही सच्चा देश प्रेम होता है। कितने ही व्यक्ति ने देश के लिए बलिदान देकर शहीद हो गए। देश के प्रति विशेष लग्न, श्रद्धा-भक्ति का भाव होगा तभी देश मजबूत एवं आगे बढेगा। सभी की प्रस्तुतियां बहुत ही सुन्दर रही। कांटाबांजी में प्रतिभाओं का भण्डार हैं।इसी तरह अपना विकास करते रहे ।


‘मुनि कुमुद कुमार जी ने कहा- देश के लिए जज्बा जुनून केवल शब्दों में न हो वह हमारे जीवन शैली,विचारो में होना चाहिए। सरहद पर सैनिक देश की सुरक्षा के लिए तैनात है। देश मे रहने वाले हर नागरिक का कर्त्तव्य बनता है कि देश को सुरक्षित एवं स्वच्छ रखें। केवल नारा, भाषण या रैली से नही समय आने पर कर्तव्य का पालन करना देश भक्ति है। व्यक्ति अपने आप में परिवर्तन लाए तो समाज एवं राष्ट्र का सर्वागीण विकास होगा।


कन्या मंडल संयोजिका सुश्री पूजा ने देश के महत्व को बताया। जूनियर ग्रुप से प्रथम इशिका द्वितीय तनुष्का तृतीय पूजा रही। सिनियर ग्रुप से प्रथम स्थान ऋतु द्वितीय ज्योति एवं तृतीय घासीराम जी ने प्राप्त किया। प्रतियोगिता मे निर्णायक की भूमिका संजय जैन एवं श्रीमती सुनीता एस ने पूर्ण की । कार्यक्रम का संचालन पूजा जैन ने किया एवं आभार ज्ञापन कन्या मंडल सहसंयोजिका आंचल जैन ने किया।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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