जगदीप धनखड़ और मार्गरेट अल्वा के बीच टक्कर
नई दिल्ली: देश को आज नया उप राष्ट्रपति मिलने वाला है. चुनाव भी आज है और नतीजे भी आज ही आ जाएंगे. एनडीए की तरफ से मैदान में जगदीप धनखड़ खड़े हैं तो विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा पर दांव चला है. लेकिन राष्ट्रपति चुनाव की तरह इस बार भी ये मुकाबला एकतरफा बनता दिख रहा है. आंकड़ों के लिहाज से इस रेस में जगदीप धनखड़ काफी आगे चल रहे हैं. विपक्ष की तरफ से मार्गरेट अल्वा चुनाव जरूर लड़ रही हैं, लेकिन धनखड़ ने एक मजबूत लीड बना रखी है.
इस चुनाव हर सांसद का एक वोट गिना जाता है. लेकिन खेल ये रहता है कि सांसद को अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकता तय करनी होती है. मतलब जो ज्यादा पंसद वो पहले नंबर पर और जो कम वो दूसरे नंबर पर. अब इसी प्रक्रिया के आधार पर देखें तो एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ के खाते में अभी 395 वोट दिख रहे हैं, मतलब जितने की जरूरत है उससे ज्यादा उनके पक्ष में पहले ही जाते दिख रहे हैं. इसी वजह से इस चुनाव में जगदीप धनखड़ की जीत तय मानी जा रही है. वर्तमान में बीजेपी के लोकसभा में 303 सांसद हैं और राज्यसभा में पार्टी के पास 93 सांसद हैं.
अब अभी के लिए तो आंकड़े पूरी तरह मार्गरेट आल्वे के खिलाफ जाते दिख रहे हैं. इस सब के ऊपर अगर क्रॉस वोटिंग हुई तो जगदीप धनखड़ की जीत और ज्यादा बड़ी बन सकती है. ऐसा ही कुछ नजारा राष्ट्रपति चुनाव में दिख चुका है जब द्रौपदी मुर्मू ने एक ऐतिहासित जीत दर्ज की थी. यशवंत सिन्हा के खिलाफ उन्हें एक लैंडस्लाइड विक्ट्री मिली थी. अब जगदीप धनखड़ भी वहीं प्रयास करने वाले हैं. वैसे कुछ पार्टियों ने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा का समर्थन भी किया है. इसमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, टीआरएस, AIMIM और JMM पार्टी शामिल है. लेकिन विपक्ष का ये समीकरण ममता बनर्जी की वजह से खराब होता दिख रहा है. टीएमसी उप राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग नहीं करने जा रही है. ऐसे में उसके कुल 36 सांसद वोट नहीं डालेंगे और इतने ही वोट अल्वा को कम मिल सकते हैं.
वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर एनडीए के उम्मीदवार के साथ जाने का फैसला कर लिया है. राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने वालीं मायावती ने उप राष्ट्रपति चुनाव में भी जगदीप धनखड़ का समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इसके अलावा YSRCP और बीजेडी ने भी धनखड़ को वोट करने की बात कर दी है, ऐसे में उनके कुल 52 वोट भी एनडीए के खाते में जाने वाले हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे पार्टियों के समर्थन मिलने से एनडीए का कुल आंकड़ा 510 के करीब पहुंच सकता है. वहीं विपक्ष का आंकड़ा 200 के करीब सिमट सकता है.

