सिलचर में 1 जनवरी 2026 के वृहद् मंगल पाठ की घोषणा
सिलचर (बर्धमान जैन): युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री रमेश कुमार जी सहवर्ती मुनि रत्न कुमार ने आज असम-मेघालय पद यात्रा करते हुए सिलचर में मंगल प्रवेश किया। संतों को भव्य स्वागत जुलूस से शहर में मंगल प्रवेश हुआ। जिसमें सकल जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में स्वागत कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें सकल जैन समाज की उपस्थित रही।

मुनि रमेश कुमार जी ने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा – संत जगाने के लिए आते हैं। जो जागता है वह पाता है। जो सोता है वह अपने जीवन को खोता है। हमें मोह निद्रा से जागना है। तभी अज्ञानता, मित्थात्व के अंधेरे से निकल पायेंगे। आपने आगे कहा – संतों का स्वागत तप -त्याग , ध्यान- स्वाध्याय से हो तो वह वास्तविक स्वागत होता है। हमारे सिलचर प्रवास में आप सभी अधिक से अधिक समय धर्म आराधना में लगाये। मुनि रमेश कुमार जी ने सिलचर वासियों के निवेदन को स्वीकार करते हुए 1 जनवरी 2026 का मंगल पाठ सिलचर में कराने की घोषणा की। ओम अर्हम् की ध्वनि से सभी में खुशी छा गई।

मुनि रत्न कुमार जी ने सभी को प्रेरणा देते हुए हमारे इस प्रवास का धार्मिक दृष्टि से अच्छा उपयोग सभी को करना चाहिए। इससे पूर्व मुनि रमेश कुमार जी ने नमस्कार महामंत्रोंचार से स्वागत कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। तेरापंथी सभा के अध्यक्ष नवरतन जी चौपडा ने पूरे समाज की ओर से स्वागत करते हुए। नये साल का मंगलपाठ सुनाने का पुरजोर निवेदन किया। तेरापंथ महिला मंडल ने सामूहिक स्वागत गीत प्रस्तुत किया। तेरापंथी सभा के संरक्षक बुद्धमल जी बैद, परामर्शक मूलचन्द जी बैद, जैन श्वे. मूर्तिपूजक समाज की ओर से ललित जी गुलेच्छा, दिगम्बर जैन पंचायत की ओर से राजकुमार जी जैन, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयराज जी सांड, ज्ञान गच्छ के मंत्री धनराज जी बरडिया, तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री श्रीमती रेखा सेठिया , तेरापंथ प्रोफेशनल की सह मंत्री रुचि मरोठी आदि अनेक वक्ताओं ने
अपने भाव पूर्ण उद्गार व्यक्त करते हुए स्वागत किया। सिलचर में अधिक से अधिक प्रवास के लिए निवेदन किया। स्वागत कार्यक्रम का संचालन तेरापंथी सभा के मंत्री तोलाराम जी गुलगुलिया ने कुशलता पूर्वक किया।

