व्यक्ति स्वयं के लिए ही नहीं समाज के लिए भी जिए – मुनि प्रशांत
कांटाबांजी (वर्धमान जैन): मुनि प्रशांत कुमार जी, मुनि कुमुद कुमार जी के सान्निध्य में राजु भाई ढोलकिया कैबिनेट मंत्री (योजना एवं समन्वय ओडिसा सरकार) ने आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया । जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि प्रशांत कुमार जी ने कहा- आज सहज ही ढोलकिया जी का यहां आना हुआ। साधु – संतो के दर्शन करने की भावना थी। यह इनके परिवार के संस्कार का प्रभाव है। स्वयं जैन परिवार में जन्म लिया । जन्म से जैन होना कोई बड़ी बात नही, जैनत्व का भाव भीतर में होना चाहिए। कर्मो से, कार्यो से जैन होना बड़ी बात है। जैनत्व हमारे जीवन व्यवहार में आए। संस्कारों में जैनत्व होना यह एक विशेष बात है। ढोलकिया जी सरकार में इतने ऊंचे पद पर होने पर एवं इतने राजकीय कार्यो में व्यस्त होने पर भी अपने संस्कारों को नहीं भूलते है। प्रतिदिन सामायिक करना, महीने में दो उपवास करना भले मंत्री पद पर रहे या ना रहे हमेशा धार्मिक संस्कारो में जीना उच्च भावना है। जैन धर्म की कठिन तपस्या भी करते रहते हैं। शारीरिक क्षमता एवं मनोबल होने पर ही तपस्या हो पाती है। पद, प्रतिष्ठा, यश, कीर्ति पाने पर भी अपने धर्म के संस्कारो को नहीं भूले हैं ये सबके लिए प्रसन्नता की बात है। इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए कि कही भी जाए लेकिन अपने विरासत में मिले संस्कारों को भूले नही। ये जैन समाज के लिए गौरव है। जैन समाज के श्रावकों ने कई क्षेत्रों में अपनी सेवा दी है ।साधु-साध्वी के प्रति विशेष श्रद्धा भक्ति भाव है। सामाजिक सेवा में निरन्तर योगदान दे रहे है । स्वयं के लिए हर व्यक्ति जीता है लेकिन समाज के लिए कुछ करना विशेष बात होती है । मंगलकामना करता हूँ कि राजु भाई ढोलकिया इसी तरह अपने धार्मिक संस्कारो को सुरक्षित रखते हुए आध्यात्मिक एवं सामाजिक कायों में प्रगति करते रहे।

केबीनेट मंत्री राजुभाई ढोलकिया ने कहा – आज समय का ऐसा संयोग मिला कि यहां साधु-संतों के दर्शन हुए। चातुर्मास के दौरान आप सब ने मुनि श्री के मुखारविंद से बहुत बार सुना होगा कि मुनुष्य जन्म दुलर्भ है। चौरासी लाख जीवायोनि में भटकते-भटकते हमारी आत्मा कोई अच्छा कर्म करती है तब ये मनुष्य जन्म मिलता है। मनुष्य जन्म में भी जैन कुल पाना दुलर्भ एवं गौरव है। आचार्य श्री महाश्रमणजी की कृपा से आप कांटाबांजी वासियों को मुनि श्री का चातुर्मास मिला। आप सबने ज्ञान, ध्यान, जप-तप आराधना की। , सब सौभाग्यशाली है । मै ओड़ीसा के लिए कुछ कर सकूँ ये मेरा सौभाग्या होगा । मीडिया प्रभारी अविनाश जैन ने बताया – तेरापंथ सभा अध्यक्ष युवराज जैन ने साहित्य एवं भक्तांबर यंत्र से कैबिनेट मंत्री राजूभाई ढोलकिया को सम्मानित किया । तहसीलदार समीर नंदनदास, नीरु भाई गुजराती, गोविंद जी मित्तल को तेरापंथ सभा द्वारा सम्मानित किया गया । सभा मंत्री सुमीत जैन ने चातुर्मासिक कार्यकमों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की ।

