गरियाबंद: शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय ओढ़ व प्राथमिक विद्यालय नगरार में ग्रामीणों द्वारा स्कूलों में अभी तक तालाबंदी जारी है। इन दो स्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंचे हैं। क्योंकि ये स्कूलों में भी एक-एक शिक्षक है।शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक ब्यवस्था के आदेश जारी कर दिये है परन्तु दो ही शिक्षक आश्रम शाला ओढ़,व प्राथमिक शाला हथौडाडीह में कार्यभार ग्रहण किये है। ज्ञात हो कि दिनांक 25/9/2021को ओढ़ पंचायत के समस्त शालाओं में ग्रामीणों ने तालाबंदी कर दिया था।उनका प्रमुख मांग था सभी एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षक ब्यवस्था करवाया जाये।पर यहां का शिक्षा ब्यवस्था चरमरा गया है। अभी भी एकल शिक्षकीय शालाओं में ताला लगा हुआ है। ऐसे में देश के भविष्य गढ़ने वाले बच्चे शिक्षा का अलख कैसे जगायेगे। आज भी ओढ़ पंचायत के ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।आज भी लोग शिक्षा से काफी दूर है, ऐसे में पहाड़ी आदिवासी लोग,व बच्चे अपने भविष्य कैसे गढ़ेंगे। यहां शिक्षा के साथ,-साथ पेयजल की प्रमुख समस्या है, लोग पीने के पानी के लिए नदी, नालों का सहारा लेते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लोग तरसते हैं, आने-जाने के लिए सड़क ब्यवस्था न होने के कारण का़ंवर में लादकर मरीजों को लाना पड़ता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विधानसभा व लोकसभा चुनाव में मतदान दलों को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया जाता है। इस क्षेत्र में आदिवासी कमार, भुजिया बिशेष पिछड़ी जनजाति की संख्या बाहुल्य है। ये जो क्षेत्र उदन्ती सीतानदी टाईगर रिजर्व के अन्तर्गत गरियाबंद विकासखंड के अंतिम छोर पर व जमीन सतह से लगभग 25 सौ मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ी क्षेत्र में बसा हुआ है। इस क्षेत्र कमार आदिवासी बांस का बर्तन बनाकर 26-30किलोमीटर दूर धवलपुर मैनपुर में लाकर बेचकर अपनी जीविकोपार्जन करते हैं।ऐसी स्थिति में यहां की शिक्षा ब्यवस्था काफी कमजोर है इसका मुख्य कारण है प्रशासन व शिक्षा विभाग का सही मानिटरि़ंग न हो पाना। ग्रामीणों ने कहा है कि अभी भी एकल शिक्षकीय शालाओं में तालाबंदी जारी रहेगी, जब तक शिक्षक नहीं पहुंचते।
छत्तीसगढ़ स्टेट ब्यूरो चीफ उमेश यादव की रिपोर्ट Yadu News Nation

