प्रतापगढ, (सुरेश यादव): वैसे तो प्रतापगढ जिले की सभी विधानसभा सीट किसी न किसी नेता को लेकर विधानसभा के हर चुनाव मे चर्चा मे रही है। लेकिन चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा और फिर लगातार पांच साल तक चर्चा मे रहने वाली विश्वनाथ गंज विधानसभा सीट चुनाव के करीब आते ही फिर चर्चा मे है। पिछले सात साल के विधायकी के कार्यकाल के दौरान आर . के. वर्मा ओबीसी एससी-एसटी के एक सशक्त नेता के रुप मे अपनी जगह बना ली है। आर. के. वर्मा की पिछड़े दलित की राजनीति ने तमाम राजनीतिक दल के शीर्ष नेताओ को विश्वनाथ गंज विधानसभा सीट पर प्रत्याशी फाइनल करने के लिए बहुत ही सोचना विचारना पड़ रहा है। ओबीसी एससी-एसटी का एक बड़ा वोट बैंक आर. के. वर्मा को पंसद करता है उनके साथ खड़ा नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकार की माने तो अभी तक आर के वर्मा अपने पिछड़े दलित वोट बैंक के चलते सबसे मजबूत स्थिति मे है। लेकिन अन्य राजनीतिक दल भी विश्वनाथ गंज सीट पर बैकवर्ड कार्ड खेलने के फिराक मे है ऐसी स्थिति मे ओबीसी एससी-एसटी वोट बैंक के बिखराव की संभावना बढ जाती है। तो क्या विश्वनाथ गंज विधानसभा मे 2022 मे ओबीसी एससी एसटी समीकरण बरकरार रहेगा।

