● साध्वी श्री स्वर्ण रेखा जी ठाणा-4 के सानिध्य में अनुशासन दिवस कार्यक्रम
कोलकाता, (बर्धमान जैन): अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के छठवां दिन अनुशासन दिवस का कार्यक्रम साध्वी श्री स्वर्ण रेखा जी ठाणा-4 के सानिध्य में अणुव्रत समिति कोलकता एवं अणुव्रत समिति हावड़ा के संयुक्त तत्वावधान में साल्टलेक स्थित गुप्ता भवन में आयोजित हुआ।समाज के गणमान्य व्यक्ति साल्टलेक सभा के ट्रस्टी श्री कन्यालाल जी पटवारी, साल्टलेक सभा के मंत्री श्री विनोद जी संचेती, विशिष्ट वक्ता अणुव्रत विश्व भारती से श्री रतन जी दुगड़, अणुव्रत समिति कोलकाता के अध्यक्ष श्री प्रदीप सिंघी, मंत्री श्री नवीन दुगड़, अणुव्रत समिति हावड़ा के अध्यक्ष श्री मनोज सिंघी, मंत्री राजेश बोहरा एवं सदस्य गण की गरिमामय उपस्थिति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

अणुव्रत समिति कोलकाता एवं हावड़ा के सदस्यों ने अणुव्रत गीत का संगान किया और उत्तर हावड़ा महिला मंडल की बहनों ने मंगल गीत प्रस्तुत किया। साध्वी श्री स्वर्ण रेखा जी ने अनुशासन की महिमा बताते हुए तेरापंथ के अनुशासन की चर्चा की और फरमाया Discipline शब्द को अंकों के हिसाब से जोड़ा जाए तो कुल 100 होते हैं, Discipline की Boundary में रहने वाला व्यक्ति ही आगे बढ़ सकता है। भिक्षु स्वामी द्वारा भारमल जी स्वामी को तेले के दंड की बात बताई। मूल चीज है Control, इन्द्रियों और मन पर जो Control कर ले, वह हमेशा सुखी रहता है। जो व्यक्ति Break लगा सकता है, वही अंतर्मुखी बन सकता है।

आज घर परिवार में बच्चों को डिग्री दिला देते हैं पर पांव छूना नहीं सिखा पाते हैं तो अनुशासन की कमी रह जाती है। विशिष्ट वक्ता श्री रतन जी दुगड़ ने जीवन के सभी पहलुओं को छूते हुए राजतंत्र और लोकतंत्र की चर्चा की। अनुशासन व्यवस्था की बात बताते हुए कहा कि देवलोकों में भी अनुशासन की व्यवस्था है। मंच का कुशल संचालन एवं सबके प्रति आभार व्यक्त, अणुव्रत समिति हावड़ा के मंत्री श्री राजेश जी बोहरा ने किया। मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

