श्रीभूमि असम (बर्धमान जैन): युगप्रधान, महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री रमेश कुमार जी ठाणा-2 का तेरापंथी सभा श्रीभूमि के द्वारा स्थानीय जैन उपासना भवन में मंगल भावना कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को रात्रि में आयोजित हुआ।

मुनि रमेश कुमार जी ने इस अवसर पर विशेष प्रेरणा देते हुए कहा – यह वर्ष भिक्षु चेतना वर्ष के रुप में हमारे धर्म संघ में मनाया जा रहा है। आज से तीन सौ वर्ष पूर्व मरुधरा के कंटालिया में आचार्य भिक्षु का जन्म हुआ। इस वर्ष विशेष रुप से प्रकाशित आचार्य भिक्षु साहित्य की छह पुस्तकों का सभी को स्वाध्याय करना चाहिए। मुनिश्री की प्रेरणा से लगभग 25 भाई बहनों ने संकल्प भी लिया। आपने आगे कहा- श्रीभूमि श्रद्धा सेवा भक्तिभाव का क्षेत्र है। यहां के श्रावक हेमराज जी परिपक्व अवस्था में दीक्षित होकर , मुनि हेमराज बने। मेरे साथ लगभग चार वर्ष से अधिक रहे। मुनि हेमराज जी साधना करने वाले संत थे। उनका संसार पक्षीय परिवार यहां रहता है। उन्हें भी सहज सेवा करने का अवसर मिला। श्रीभूमि सदैव धर्म भूमि भी बनी रहे ऐसी मेरी भावना है।

इससे पूर्व मंगल भावना कार्यक्रम का मंगल चरण श्रीमती हेमलता लालाणी ने किया। जैन उपासना भवन के अध्यक्ष बिनोद जी गंग ने समाज की ओर से और अपने परिवार की ओर से मुनिश्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। शांतिलाल जी लालाणी ने इस सफलतम प्रवास के बारे में बताया। तेरापंथी सभा के मंत्री विवेक लालाणी ने – इस प्रवास में हुई धर्म प्रभावना के कार्यक्रम व दो सफल अनुष्ठान के बारे में बताते हुए कृतज्ञता ज्ञापित की। अरिहंत बोथरा ने कविता से अपनी भावना व्यक्त की। तेरापंथ महिला मंडल ने सामूहिक मंगल भावना गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूनम देवी बोथरा ने कुशलता पूर्वक किया।

