नई दिल्ली: मोदी सरकार ने 2014 में आने के बाद से जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता के लिए कई वित्तीय योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं योजनाओं में एक है पीएम किसान योजना। ये योजना किसानों की आर्थिक मदद के लिए है। योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रु दिए जाते हैं। ये पैसा सीधा किसानों के खाते में आता है। 6000 रु 2-2 हजार रु की 3 किस्तों में भेजे जाते हैं। मगर इस योजना का लाभ सारे किसान नहीं ले सकते। बल्कि सरकार ने इसके लिए कुछ नियम रखे हैं। जैसे कि कोई भी टैक्स भरने वाला किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकता। मगर पिछले कुछ समय में पीएम किसान योजना में घोटाले की खबरें आई हैं। कुछ ऐसे किसानों ने पीएम किसान योजना के तहत पैसा लिया जो पात्र नहीं थे। इसी कड़ी में एक नया मामला सामने आया है।
पीएम किसान के घोटाले में नया मामला काफी चौंकाने वाला है। बता दें कि यूआईडीएआई और ट्राई के पूर्व चीफ राम सेवक शर्मा के खाते में पीएम किसान योजना का पैसा पहुंचा है। जबकि उन्होंने इस योजना के तहत कभी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। बिना रजिस्ट्रेशन कराए उनके खाते में पीएम किसान योजना की तीनों किस्तें पहुंची हैं। द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार बिना उनके रजिस्ट्रेशन कराए उनका नाम योजना में शामिल हो गया। बता दें कि योजना की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। इस योजना के तहत राज्य सरकार वेरिफिकेशन करती है, मगर शर्मा के मामले में बिना वेरिफिकेशन के ही रजिस्ट्रेशन हो गया। उनके नाम से अकाउंट इसी साल 8 जनवरी को खुला था। मगर 24 सितंबर को ही ये अकाउंट डीएक्टिवेट भी हो गया। उन्हें एक किसान के तौर पर ही रजिसटर्ड कराया गया था। वे फिरोजाबाद (यूपी) के एक किसान के रूप में रजिस्टर थे।

