होजाई: होजाई जिला के जमुनामुख विधान सभा छेत्र के डबका शहर के 4 नम्बर वार्ड में स्थित डबका – लंका और दीफू संपर्क पथ तथा डबका पुलिस पॉइंट के दाहिने तरफ खाली जमीन पर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कुछ भूमाफियो ने दखल कर बड़ी बड़ी इमारते खड़ी कर ली है । उक्त आरोप असम नागरिक मंच के सचिव विजय चक्रवर्ती ने एक सम्बददाता सम्मेलन में लगाया है । सम्बददाताओ को संबोधित करते हुए चक्रबर्ती ने कहा कि सन 1976 में उक्त जमीन को सरकार ने सरकारी भूमि के रूप में घोषणा की थी। जिसके विरोध में भूमि के मालिक पुषराज महेष्वरी ने हाइकोर्ट में मामला कर मुकदमा जीतकर अपने नाम करवाई थी । किन्तु गत 20 वर्षों से ज्यादा समय से असम के बाहर जाने की वजह से सरकार ने उक्त भूमि पर पथ निर्माण विभाग ने 4 क़वार्टर बनवाये थे जिसमे निर्माण किए गए 3 क़वार्टर विभाग के साथ चक्र अधिकारी ने मिलीभगत कर भूमाफियों को जमीन बेदखल करने का सुविधा मुहैया करवा दिया ।

वही 2018 – 19 सन में उल्लेखनीय जमीन में 4 क्वाटर में से 3 क्वाटर किस कारण से पथ निर्माण विभाग ने खाली किया एवं जमीन भू माफियाओं ने दखल में ले लिया ,रहस्यमय है। सन 2020 के जनवरी महीने में भू माफियाओं ने सरकारी पथ निर्माण विभाग के क्वाटर तोड़फोड़ कर सभी सामग्री उठा ले गए । किंतु उस वक्त भी पथ निर्माण विभाग ने इन भू माफियाओं के ऊपर किसी भी तरह की कारवाही नहीं की । डबका चक्र अधिकारी ने जमाबंदी कापी में क्रमश 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50 आदि में किस आधार पर मुसलमान लोगो की नाम अन्तर्भुक्त किया गया जहा उललेखनीय जमीन पहले से ही हिन्दू मारवाड़ी संप्रदाय के नाम पर जमीन के दस्तावेज में लिखावट है । जहा मारवाड़ी संप्रदाय के पुत्र व पत्नी मुस्लिम लिखा मिला जिसको लेकर जिला के अंदर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है । साथ ही सन 2017 से डबका चक्र अधिकारी के रूप में अनुसूया शर्मा ने अपनी ड्यूटी ज्वॉइन की थी किंतु सन 1994 और 2010 सन के नामजारी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कैसे किया ? और यह अधिकार किसने दिया ? उक्त विषय को लेकर असम नागरिक मंच के सचिव विजय चक्रबर्ती एवं स्थानीय लोगो ने सीबीआई जाँच की मांग की है ।
असम राज्य होजाई जिल्ला ब्यूरो राज कुमार चौहान की रिपोर्ट Yadu News Nation

