गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज टूटा, अब तक 32 की मौत, मुआवजे का ऐलान

मोरबी: गुजरात के मोरबी में रविवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया. दरअसल, मच्छु नदी पर बने केबल ब्रिज के टूट जाने से कई लोग नदी में गिर गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है. वहीं, गुजरात सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये मदद देने की घोषणा की है. इसके साथ ही गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री मोरबी के लिए रवाना हो गए है. इस बीच, स्थानीय सिविल अस्पताल अधिकारी ने बताया कि इस घटना में अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत हुई है.

मोरबी की घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुख जताते हुए कहा है कि मैं लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में हूं. सीएम पटेल ने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है. घायलों के तत्काल उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मैं इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं.

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की और मोरबी हादसे के बारे में जानकारी ली. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, मोरबी में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं. इस संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की. राहत और बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है तथा प्रभावितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गुजरात में मोरबी में केबल पुल गिरने की घटना पर चिंता व्यक्त की. वहीं, स्थानीय विधायक एवं राज्य मंत्री बृजेश मेरजा ने कहा कि ब्रिज टूटने से कई लोग नदी में गिर गए. बचाव अभियान जारी है. ऐसी जानकारी है कि इसमें कई लोग घायल हुए हैं. उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं. मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री व अन्य अधिकारियों से बात की. स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है. NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुंच रही है. घायलों के तुरंत उपचार के निर्देश दिए हैं.

वहीं, न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में मरम्मत के बाद आम जनता के लिए फिर से खोला गया पुल टूट गया. क्योंकि, यह उस पर खड़े लोगों का भार सहन नहीं कर सका. इधर, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्रिज जिस समय टूटा, उस समय उस पर कई महिलाएं और बच्चे थे. इस संबंध में और जानकारी की प्रतीक्षा है.

रेस्क्यू टीम के सदस्य नदी में गिरे सभी लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की कोशिश में जुटे है. बताया जाता है कि रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण आज यहां काफी भीड़भाड़ थी. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त सैकड़ों की तादाद में लोग पुल पर मौजूद थे. पुल की मरम्मद के बाद पांच दिन पहले ही इसे आम जनता के लिए फिर से खोला गया था.

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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