महिला मण्डल संगठन यात्रा
कांटाबांजी (वर्धमान जैन): महिला मण्डल की संगठन यात्रा को सम्बोधित करते हुए मुनि प्रशांत कुमार जी ने कहा- ससय के साथ समाज का विकास हुआ है। परिवार एवं समाज को चलाने मे नारी की अहम भूमिका होती है। शिक्षित एवं संस्कारी नारी पीढ़ी दर पीढ़ी परम्परा, संस्कार एवं संस्कृति को विकसित करती है। गुरुदेव श्री तुलसी ने महिला समाज को जागृत किया। विविध क्षेत्रों में कार्य करने का खुला अवसर दिया। तेरापंथ महिला मण्डल ने विश्व स्तरीय पहचान बनाई है। तत्वज्ञान, तपस्या, स्वाध्याय जैसी आध्यात्मिक प्रवृतियों में सक्रिय है तो सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणी बनकर दायित्व निभा रही है। देश भर में तेरापंथ महिला मण्डल कितनी-कितनी शाखाओं के माध्यम से समाज एवं देश के विकास में कार्य कर रही है। सभा संस्थाओं के सर्वोच्च पद पर भी महिला समाज ने कार्य किया है। धर्मसंघ में महिला मण्डल का बहुत योगदान है। भारतीय इतिहास में भी नारी शक्ति, त्याग-बलिदान शौर्य-वीरता एवं विद्धवता के अनेको घटना प्रसंग मिलते है। महिला जाति ने पुरुष के पौरूष को भी जगाया है। पुरुष समाज की तरह नारी समाज भी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। धार्मिक क्षेत्र में भी महिलाओं ने कीर्तिमान स्थापित किए है। कांटाबांजी महिला मण्डल सक्रिय, जागरुक, कर्मठ है। ज्ञानशाला भी सुचारू रूप से नियमित चल रही है। यहां की बहनों ने इस चतुर्मास में बहुत आध्यात्मिक लाभ लिया। महिला मण्डल की बहने भीतर में जागरुक रह कर आध्यात्मिक एवं समाज हित में कार्य करती रहे। जैन धर्म मे विकास के लिए सदैव प्रेरित किया है।

मीडिया प्रभारी संजना जैन ने बताया-महिला मण्डल के मंगलाचरण से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। साध्वी प्रमुखा श्री जी के संदेश का वाचन ललिता धारीवाल ने किया। प्रचार-प्रसारमंत्री सरिता बरलोटा, उडीसा प्रभारी इंद्रा लुणिया, कांटाबांजी महिला मण्डल अध्यक्षा बॉबी जैन ने विचार व्यक्त किए। आभार ज्ञापन मण्डल मंत्री सपना जैन ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमति पूजा जैन ने किया।

