लक्ष्य बिना विकास अधूरा -मुनि प्रशांत

चातुर्मास में होती मन की शुद्धि -नगरपाल

कांटाबांजी (वर्धमान जैन): मुनि प्रशांत कुमार जी ने कहा – जीवन में सुख पाने के लिए व्यक्ति बहुत प्रयत्न करता है। संसार के सभी प्राणी सुख चाहते है। व्यक्ति अपने विचारों से ही दुख को प्राप्त कर लेता है। विचारों पर ध्यान देना चाहिए। विचारों को अच्छा सकारात्मक बनाए तो व्यक्ति हर परिस्थिति में सुखी रह सकता है।मन को प्रशिक्षण मिल जाए तो अनुकुलता और प्रतिकुलता में संतुलन बना रह सकता है। जीवन में छोटे -बड़े अनेक प्रकार के लक्ष्य होते हैं। जीवन में यह लक्ष्य हमेशा सामने रखना चाहिए कि मुझे दुर्गति में न जाकर सुगति में जाना है। जीवन में पारिवारिक शांति के लिए रिश्तों की सार संभाल होनी जरूरी है। जीवन में कैसी भी परिस्थिति आए व्यक्ति उनसे लड़ने का अभ्यास करें।सभी तपस्या करने वाले परिवार में श्रद्धा भाव एवं धर्म के संस्कार है। दिनेश जी बहुत सेवाभावी है। श्रीमती सपना महिला मण्डल के मंत्री पद का दायित्व धार्मिक रुचि के साथ निष्ठापूर्वक निभा रही है।


तीनों युवक ऋषभ, दीपेश, श्रेयांस में धर्म के संस्कार भरपूर है। परिवार में धर्म का माहौल का असर भावी पीढ़ी पर अवश्य रहता है। सुश्री हीमानी ने पहली बार जागरुकता से अट्ठाई तप किया है। मुनि कुमुद कुमार जी ने कहा – शरीर हमारी साधना में बहुत सहयोगी बनता है।शरीर के माध्यम से ही धर्म की साधना -आराधना व्यक्ति कर सकता है। भोजन विवेक से ही व्यक्ति आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकता है।राजसिक एवं तामसिक भोजन का परिहार करके सात्विक भोजन करने से मन ,भाव एवं इंद्रिया स्वस्थ रहती है। विचारों की कलुषता से व्यक्ति अपराधिक प्रवृत्ति का बन जाता है। नगरपाल बरियाम सिंग सालूजा ने कहा – तप करना अपनी कुण्डली को जागृत करना है। साधु संतों की कृपा से व्यक्ति में तप करने की शक्ति आ जाती है। मजबूत मनोबल व्यक्ति को धर्म में आगे बढ़ाता है। चातुर्मास से कांटाबांजी की धरती पावन हो गई ।


चातुर्मास से मन की शुद्धि हो जाती है। आई आर एस एस सारिका जैन ने कहा – कांटाबांजी की धरती में उर्वरापन है। लोगों में धार्मिक भावना है। आध्यात्मिकता से व्यक्ति और देश सुरक्षित रहता है। धर्म में नियोजित किया गया जीवन सार्थक बनता है।


मीडिया प्रभारी अविनाश जैन ने बताया – तेरापंथ सभा उपाध्यक्ष दिनेश जैन, तेरापंथ महिला मंडल मंत्री श्रीमती सपना युवराज जैन, तेरापंथ युवक परिषद सदस्य ऋषभ जैन, दीपेश जैन, श्रेयांस जैन एवं तेरापंथ कन्या मंडल की सदस्या सुश्री हीमानी जैन ने नौ एवं अट्ठाई तप का सामूहिक प्रत्याख्यान किया। तेरापंथ सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल के पदाधिकारियों एवं पारिवारिक सदस्यों ने सभी तपस्वियों की गीत एवं वक्तव्य के द्वारा आध्यात्मिक मंगलकामना की। तेरापंथ सभा द्वारा तपस्वियों का साहित्य से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री सुमीत जैन ने किया।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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