नई दिल्ली: पेगासस जासूसी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच करने वाली है। ये सुनवाई कुल 9 याचिकाओं पर होने वाली है, जिसमें पत्रकार एनराम और शशिकुमार, सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और वकील एमएल शर्मा की याचिकाएं शामिल हैं। इन सभी नेअपनी याचिकाओं में कहा है कि पत्रकारों और नेताओं की जासूसी कराना बहुत बड़ा अपराध है, ये हमारी स्वतंत्रता पर प्रहार है और इस कारण इस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए। याचिका में केंद्र सरकार को भी लेकर सवाल किए गए हैं। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार का इस जासूसी में रोल है, अगर उसने सरकार या उसकी किसी भी एजेंसी ने पेगासस स्पाइवेयर का लाइसेंस लिया है तो केंद्र इस बारे में अपना पक्ष क्लीयर करे क्योंकि ये अनैतिक है। आपको बता दें कि फ्रांस की संस्था Forbidden Stories और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने खुलासा किया था कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानूनविदों और नेताओं की जासूसी करा रही हैं और इन सभी के फोन को टैप करवा रही हैं। इस लिस्ट में भारत के भी कई पत्रकार और नेतागण शामिल हैं। इस खुलासे के बाद से ही कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और सभी संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रही हैं।

