उन्होंने कहा, ‘‘देश हित में सकारात्मक चीजों का साथ दीजिए. जो कमियां है उन पर चर्चा कीजिए. आप देखिए, देश के मन में आज जो (विपक्ष के प्रति) नफरत पैदा हो रही है… हो सकता है वह मोहब्बत में बदल जाए. तो मौका है यह. इसे जाने मत दीजिए.’’ प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से संसद सत्र में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इसी में उनकी भलाई है कि वह देश को सकारात्मकता का संदेश दें. उन्होंने कहा, ‘‘आपकी छवि नफरत की और नकारात्मकता की बने, यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. लोकतंत्र में विपक्ष भी महत्वपूर्ण और मूल्यवान है. उसे सार्म्थयवान भी होना चाहिए. लोकतंत्र की भलाई के लिए मैं फिर से अपनी भावना को प्रकट करता हूं.’’
सोर्स : भाषा इनपुट

