नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में शह मात का खेल जारी है. इसी कड़ी में अब इस चुनाव में एनसीपी ने भी एंट्री मार दी है. जी हां, चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार लग रहे थे, लेकिन अब एनसीपी भी चुनाव में अपने प्रत्याशी उतार रही है. वहीं, चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के आ जाने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एनसीपी दांव आजमा रही है. पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने गुरुवार को ही साफ कर दिया था कि उनकी पार्टी चुनाव में अपने भी प्रत्याशी उतारेगी. शरद पवार ने कहा है कि एनसीपी राज्य की 224 विधानसभा सीटों में से 40 से 45 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. वहीं, एनसीपी सुप्रीमो कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं के साथ एक खास बैठक भी करने वाले हैं.
एनसीपी प्रमुख ने शरद पवार ने 10 मई को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राकांपा की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए मुंबई में कल यानी शनिवार को पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है. एनसीपी प्रमुख ने कहा, हम कर्नाटक चुनाव के लिए अपनी योजना को अंतिम रूप देने के लिए कल मुंबई में बैठक करेंगे. इस कदम को राष्ट्रीय दल का अपना खोया दर्जा वापस पाने की एनसीपी की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. गौरतलब है कि गोवा, मेघालय और मणिपुर में चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद एनसीपी का राष्ट्रीय दल का दर्जा खत्म कर दिया गया था.
एनसीपी ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए उसे अलार्म घड़ी चिन्ह आवंटित करने का आग्रह किया था, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया है. एनसीपी नेताओं ने कहा कि पार्टी कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों में से 40 से 45 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. उन्होंने बताया कि पार्टी महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा क्षेत्र में महाराष्ट्र एकीकरण समिति को समर्थन देने की योजना बना रही है, जहां बड़ी संख्या में मराठी भाषी लोग रहते हैं.
गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव को लेकर पवार ने अपनी योजनाओं की घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ बैठक के एक दिन बाद की है, जिसमें अगले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता कायम करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी. बता दें, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 10 मई को मतदान होगा. जबकि, वोटों की गिनती 13 मई को की जाएगी.

