नर्ला में 300 से अधिक बेनियम देशी शराब के अड्डे!

एक्साइज विभाग और पुलिस प्रशासन की चुप्पी

कलाहांडी (लिंगराज मिश्र)। कलाहांडी जिले के नर्ला थाना क्षेत्र के शौ से अधिक गांव में देशी, विदेशी शराब की बाढ़ लग गई है। इस थाना क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यह पाया गया है कि नर्ला शराब की भट्टी, केंदूपड़ा उप भट्टी, बलबसपुर भट्टी, तुलापड़ा भट्टी, लांजीगड़ रोड भट्टी, शेरगड भट्टी और निशानपुर भट्टी में जितनी शराब बिकती है, उससे लगभग तीस गुना अधिक शराब गांवों में खोली गई शराब की अड्डों में बिकती है। जबकि सरकार ने केवल भट्टियों में देशी शराब की बिक्री की अनुमति दी है। यह कानून का खुला उल्लंघन है। नर्ला थाना के अंतर्गत 192 गांव आते हैं। साथ ही नर्ला प्रखंड के कई गांव केसिंगा थाने के अंतर्गत आते हैं, जहां गांव-गांव शराब की दुकानें भी चल रही हैं। नर्ला क्षेत्र में लगभग 300 से ज्यादा शराब के अड्डे हैं। भट्टीयां गांव की अड्डों को शराब बेच रहे हैं। गांव में शराब बेचने वाले लोग सालाना कम से कम 50 हजार से डेढ़ लाख तक चंदा देते हैं। इसी तरह बिहारी शराब की भट्टी के मालिकों ने जनप्रतिनिधियों, युवा संघों, विभिन्न संस्थाओं और दलालों को सालाना चंदा देकर अपना मुंह बंद कर रखा है। पुलिस पर रंगदारी मांगने का भी आरोप है। इसके अलावा नर्ला प्रखंड के कई सीमांत गांव में महुआ शराब बनाकर बेच रहें हैं। इसी तरह प्रखंड के नर्ला रोड, छत्तीकुड़ा, बालीपड़ा व रूपरा में लाइसेंसी विदेशी शराब की दुकानों से विदेशी शराब की तस्करी के आरोप हैं। नर्ला थाना क्षेत्र में नकली विदेशी शराब बनाकर बेचने के भी आरोप लगे हैं। बिहारी एक्सपोर्टर्स द्वारा इस नकली शराब को बनाने की बात खूब चल रही है। नकली शराब के कारण कई महिलाएं कम उम्र में ही विधवा हो जाती हैं और कई घर तबाह हो जाते हैं। खासकर युवा समाज देशी-विदेशी शराब से पथभ्रस्ट हो रहा है। हालाँकि, स्थानीय पुलिस शराब के व्यापार को बढ़ावा दे रही है, जो बुद्धिजीवियों के अनुसार एक स्वस्थ समाज के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हालांकि जागरूक नागरिकों ने सवाल उठाया है कि, जब नर्ला प्रखंड व थाना क्षेत्र में देशी और विदेशी शराब का सैलाब उमड़ रहा है तो एक्साइज विभाग व प्रशासन खामोश क्यों बैठा है?

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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