बुद्धुपारा के बच्चों ने पुतरा पुतरी शादी कार्यक्रम विधि विधान से समापन किया
देवभोग: छत्तीसगढ़ में कई श्रेष्ठ पर्व को अपने परंपराओं को मानते हुए, अपने ही ढंग से ग्रहण करते है। छत्तीसगढ़ में भिन्न भिन्न पर्वों का महत्व है। आशा और विश्वास को बढ़ाने वाले पर्वों में अक्ति विवाह विशेष है। छत्तीसगढ़ के इन सब परंपराओं में से एक अक्षय तृतीया के अवसर पर, मनाए जाने वाले अक्ति ब्याह (पुतरा पुतरी विवाह) का विशेष महत्व है। यह विवाह बच्चों के द्वारा मनाया जाता है। बच्चे बुजुर्ग बनकर पूरी तन्मयता के साथ मिट्टी से बने गुड्डे, गुड़िया का ब्याह रचाते हैं। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर देवभोग ब्लॉक के ग्राम बुद्धुपारा में बच्चों के द्वारा कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए पुतरा ,पुतरी विवाह बहुत ही बेहतरीन और पारंपरिक ढंग से मनाया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दानीराम उईके, हिराबाई उईके, बंटी, करीना, रानी, ममता, अंजना, जान्हवी, और लता कुमारी का विशेष योगदान रहा।
देवभोग से रमेश निषाद की रिपोर्ट Yadu News Nation
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