नई दिल्ली: किसान आंदोलन को अब वर्चुअल करने पर विचार किया जा रहा है। दरअसल, किसान नेता इस आइडिया पर विचार कर रहे हैं कि धरना स्थलों पर किसानों की संख्या को सीमित रखा जाए और अधिकतर किसानों को प्रोटेस्ट फ्रॉम होम दिया जाए यानि कि किसान घर से ही वर्चुअल माध्यम से ऑनलाइट प्रोटेस्ट करें। इससे किसानों को कोरोना के संकट से भी बचाया जा सकेगा तो ऑनलाइन प्रोटेस्ट जारी रखकर केंद्र सरकार पर विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव भी बनाया जा सकेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान नेता अपने आंदोलन को किसी भी कीमत पर अपने आंदोलन को कमजोर नहीं होने देना चाहते हैं। यही वजह है कि किसान नेता अब ‘प्रोटेस्ट फ्रॉम होम’ और ‘ऑनलाइन प्रोटेस्ट’ का आइडिया अपना रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के सभी नेता सिंघु बॉर्डर पर एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में आंदोलन को आगे बनाए रखने के स्वरूप पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक के बाद ही आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति सामने आ सकती है।
जानकारी के मुताबिक, मीटिंग होने के बाद 20 मई को किसान आंदोलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने की घोषणा की जा सकती है। सबसे ज्यादा संभावना इस बात की है कि किसान अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल करेंगे। इसका मतलब है कि धरना स्थलों पर किसानों की संख्या को सीमित करके प्रदर्शन को जारी रखा जाएगा। इसके अलावा जिन राज्यों-क्षेत्रों में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है वहां फिजिकल प्रोटेस्ट जारी रखा जाए, लेकिन जहां संक्रमण की स्थिति गंभीर है, वहां ऑनलाइन माध्यम को अपनाने पर जोर दिया जा सकता है।

