‘मानसिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्न नागरिक ही खुशहाल राज्य की पहचान’ –डॉ. कुणाल सारंगी
आदित्यपुर। फूलो-झानो महिला सशक्तीकरण मिशन के सहयोग से रविवार को आदित्यपुर स्थित डॉ. अय्यर के माइंड्स केयर क्लिनिक में निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। डॉ. रेड्डियर के क्लिनिक के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस शिविर का उद्घाटन झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता डॉ. कुणाल सारंगी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आदित्यपुर के पार्षद अभिषेक सिंह एवं पार्षद नीतू शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर मिशन के अध्यक्ष श्री गोविंद राजका, सचिव डॉ. त्रिपुरा झा तथा संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

“सड़कें नहीं, नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य भी विकास का पैमाना”
उद्घाटन के अवसर पर डॉ. कुणाल सारंगी ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्त्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारें सड़कें बनाती हैं, लेकिन सड़कें समय के साथ टूटती हैं और फिर बनाई जाती हैं। सरकारें भी आती-जाती रहती हैं, परंतु उन सड़कों पर चलने वाले नागरिक ही किसी राज्य की वास्तविक शक्ति होते हैं। यदि राज्य के नागरिक प्रसन्न, स्वस्थ और मानसिक रूप से सशक्त होंगे, तभी राज्य भी खुशहाल बनेगा।
उन्होंने कहा कि विकास का आकलन केवल सड़कों, भवनों और अन्य आधारभूत संरचनाओं से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह भी देखना आवश्यक है कि आम नागरिक कितना सुखी, संतुष्ट और मानसिक रूप से स्वस्थ है। उन्होंने भूटान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ नागरिकों की प्रसन्नता और जीवन की गुणवत्ता को विशेष महत्त्व दिया जाता है। इसी प्रकार हमें भी ऐसा सामाजिक वातावरण बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक शांति, सम्मान और आवश्यक सहायता मिल सके।
डॉ. सारंगी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाने के लिए ऐसे निःशुल्क शिविर अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों और संकोच को दूर करने की अपील की।

लगभग 50 लोगों ने लिया परामर्श
शिविर में प्रारंभिक मानसिक स्वास्थ्य जाँच, मनोवैज्ञानिक परामर्श, काउंसलिंग एवं आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई। लगभग 50 लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और परामर्श की आवश्यकता को लेकर शिविर में पहुँचे। शिविर के दौरान लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। चिकित्सकीय मार्गदर्शन के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना तथा लोगों को यह समझाना था कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्त्वपूर्ण है। समय पर पहचान, उचित परामर्श और आवश्यक उपचार से अनेक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।

डॉ. त्रिपुरा झा के नेतृत्व में सामाजिक सरोकारों की पहल
फूलो-झानो महिला सशक्तीकरण मिशन की सचिव एवं संयोजिका डॉ. त्रिपुरा झा ने इस आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के साथ मानसिक स्वास्थ्य जैसे आवश्यक विषय को भी जनसरोकारों से जोड़ने की दिशा में यह पहल की गई। मिशन लंबे समय से बालिकाओं की शिक्षा, विद्यालय छोड़ चुकी बच्चियों को पुनः शिक्षा से जोड़ने, जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं लेखन सामग्री उपलब्ध कराने तथा रक्तदान शिविर जैसे सामाजिक सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करता रहा है।
डॉ. त्रिपुरा झा ने कहा कि एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का समन्वय आवश्यक है। जिस प्रकार बालिकाओं की शिक्षा समाज के भविष्य को मजबूत करती है, उसी प्रकार मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक परिवार, समाज और राज्य की प्रगति में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. हर्षनी का महत्त्वपूर्ण योगदान
शिविर के आयोजन एवं चिकित्सकीय सहयोग में डॉ. हर्षनी का विशेष योगदान रहा। उनकी पहल और सहयोग से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य जाँच, परामर्श एवं मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। क्लिनिक के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह निःशुल्क शिविर चिकित्सा सेवा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की एक सराहनीय पहल रहा। कार्यक्रम के आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा एक स्वस्थ, जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

