परिवार एवं समाज का सृजन करें -मुनि कुमुद
कटिहार (बर्धमान जैन): मुनिश्री प्रशांत कुमारजी मुनिश्री कुमुद कुमारजी के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा निर्देशित प्रतियोगिता कटिहार महिला मंडल द्वारा महिला मंडल एवं युवती मंडल के लिए आयोजित हुई। जनसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री कुमुद कुमारजी ने कहा- महिला सृजन, कल्पना में माहिर होती है। बीज में वटवृक्ष बनने की क्षमता होती है वैसे ही नारी में निर्माण की शक्ति होती है। अपने आप पर भरोसा,समय नियोजन एवं कल्पना को साकार करने में पुरुषार्थ करें तो महिला कहां से कहां तक पहुंच सकती है। परिवार एवं समाज का सृजन करें।समता, ममता एवं क्षमता की अनमोल थाती महिला समाज को प्रकृति का वरदान है। विपरीत परिस्थितियों में भी कितनी ही नारियों ने आत्म संतुलन रखते हुए देश एवं समाज को नव संदेश दिया है।अपनी कर्मजा शक्ति का उपयोग सम्यकदिशा में कर औरों के लिए प्रेरक बनी है।विभिन्न क्षेत्रों में नारी ने अपना परचम लहराया है।सही दिशा निर्देश के अभाव में बहुत बार समस्या भी पैदा हो जाती है। संस्कारों से भावित, आत्मविश्वास से परिपूर्ण बन सतत् प्रयास करते जाएं। धार्मिक एवं सामाजिक जगत में नींव का पत्थर बनें।वर्तमान परिवेश में शिक्षा के साथ साथ संस्कार का संतुलन भी अपेक्षित है।

महिला मंडल मंत्री सुमन पुगलिया ने बताया – महिला एवं युवती मंडल के मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सायर संचेती ने विषय प्रस्तुति दी।समय प्रबंधन का दायित्व खुशबु छाजेड़ ने पूर्ण किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती ललिता दुगड़ ने किया आभार श्रीमती खुशबु घोड़ावत ने व्यक्त किया।

