संस्कार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर बढ़ाया परिषद् का गौरव
श्रीडूंगरगढ़: अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के 60वें वार्षिक अधिवेशन ‘संवर्धनम्’ का भव्य आयोजन लाडनूं में हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर की तेरापंथ युवक परिषदों के प्रतिनिधियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ ने भी अधिवेशन के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सेवा,संस्कार एवं संगठन के क्षेत्र में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई।
संस्कार के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि
अधिवेशन में विशाल श्रेणी में संस्कार के क्षेत्र में तेयुप श्रीडूंगरगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि परिषद् के लिए गौरव का विषय रही। संस्कार निर्माण एवं सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक के क्षेत्र में परिषद् द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों, सक्रियता, समर्पण एवं सेवाभाव का यह महत्वपूर्ण परिणाम है। उपलब्धि की घोषणा के साथ ही श्रीडूंगरगढ़ परिषद् के सदस्यों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
अधिवेशन के दौरान आयोजित ‘तेयुप की बात’ कार्यक्रम में तेयुप श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष विक्रम मालू ने राष्ट्रीय मंच से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने ‘सेवा केंद्र एवं भजन मंडली’ विषय पर विचार रखते हुए सेवा गतिविधियों, संगठनात्मक सहभागिता तथा युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
मंगलपाठ से संत दर्शन तक रहा आध्यात्मिक वातावरण
लाडनूं पहुंचने से पूर्व परिषद् की टीम ने सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी का मंगलपाठ श्रवण किया। अधिवेशन के दौरान आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन एवं चरण स्पर्श का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही युवाचार्य श्री महावीर मुनि जी सहित अनेक संतों के दर्शन चरण स्पर्श एवं आशीर्वाद का लाभ भी मिला।
बहुश्रुत परिषद् सदस्य मुनि श्री दिनेश कुमार जी,मुनि सुमति कुमार जी,अभातेयुप के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री योगेश कुमार जी, मुनि नय कुमार जी, मुनि अर्हम कुमार जी सहित अनेक संतों ने युवाओं को संबोधित करते हुए सेवा, संस्कार एवं संगठन आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न आयामों पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया।
देश-विदेश में सेवाएं दे रहे सदस्यों से हुआ आत्मीय मिलन

अधिवेशन के दौरान श्रीडूंगरगढ़ से जुड़े तथा वर्तमान में देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे राष्ट्रीय सहमंत्री प्रथम पवन जी नवलखा सहित लगभग 25 सदस्यों से आत्मीय मिलन का अवसर प्राप्त हुआ। इस आत्मीय मिलन ने सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव, संवाद एवं संगठनात्मक भावना को और अधिक मजबूत किया।
अधिवेशन में श्रीडूंगरगढ़ से अध्यक्ष विक्रम मालू, उपाध्यक्ष रजत सिंघी, मंत्री पीयूष बोथरा, कोषाध्यक्ष चमन श्रीमाल एवं जैन संस्कार विधि टीम से प्रदीप पुगलिया ने सहभागिता की।
सेवा, संस्कार और संगठन का बना यादगार संगम साथ जी विकसित भारत में योगदान, युवाओं किशोरों की बारह व्रत कार्यशाला एवं संतुलित जीवनशैली कैसे बने, संस्कृति संरक्षण, डिजिटल विकास और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
संगठन की विभिन्न गतिविधियों को एक वेबसाइट् एवं ऐप से जोड़ने का नया प्रकल्प सबके सामने रखा गया।प्रतिभाशाली युवाओं को पहचानकर उन्हें लीडर के रूप में विकसित करने तथा सरकारी एवं अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया गया।

