महाराष्ट्र: ‘तवे पर रखी रोटी को घुमाना है, न घुमाने पर वह जल जाएगी’, समझिए शरद पवार के बयान के मायने?

पिछले कुछ दिनों से जहां महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में पर्दे के पीछे की गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक सांकेतिक बयान दिया है. अब रोटी को पलटने का समय है, नहीं तो वह जल जाएगी. एनसीपी युवा कांग्रेस की ओर से आयोजित मंथन कार्यक्रम में शरद पवार ने बयान दिया कि इसमें देरी नहीं होगी. उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है.

शरद पवार बुधवार को मुंबई क्षेत्रीय राकांपा युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित युवा मंथन कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर शरद पवार ने कहा कि समाज में कुछ लोगों का कार्यकर्ताओं के बीच सम्मान होता है चाहे उनके पास पद हो या न हो. उस सम्मान को हासिल करने के लिए आपको अगला कदम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए. सोचिए किसे टॉप पर लाना है. नगर निकाय चुनाव में संगठन की ओर से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा. इससे एक नया नेतृत्व बनेगा. रोटी को घुमाना है, यदि इसे घुमाया नहीं जाता है, तो इस पर कर लगाया जाता है. उस रोटी को पलटने का समय है अब और विलम्ब नहीं. शरद पवार ने कहा कि पार्टी में सभी वरिष्ठ नेताओं से वह काम करने का आग्रह किया जाएगा.

पिछले कुछ दिनों से इस बात की चर्चा जोरों पर है कि एनसीपी पार्टी में फूट पड़ सकती है. अजीत पवार एनसीपी के 35 से 40 विधायकों के समूह के साथ भाजपा में शामिल होंगे. अजीत पवार ने अमित शाह से मुलाकात की है और चर्चा है कि वह जल्द ही बीजेपी से हाथ मिला लेंगे. हालांकि, अजीत पवार ने यह कहकर मामले को छिपाने की कोशिश की कि वह अपने जीवन के अंत तक एनसीपी में बने रहेंगे. इसके बाद भी अजित पवार पर शक का कोहरा नहीं हटा. इसलिए शरद पवार के बयान ‘रोटी पलटने का समय आ गया है’ के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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