ग्वालियर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्र और कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से की गई कार्रवाई के खिलाफ तल्ख मगर विवादित टिप्पणी की है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश में नफरत और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? वे (पीएफआई-आरएसएस) ‘एक ही थाली के चैट-बटे’ हैं.
पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) पर कथित रुप से आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि न केवल पीएफआई बल्कि धार्मिक घृणा और कट्टरता फैलाने वाले किसी भी संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मोहन भागवत को पहली बार बधाई दी है और बधाई इसलिए दी है कि वे लीक से हटकर मदरसा और मस्जिद गए हैं. उन्होंने कहा कि जो मोहन भागवत मुस्लिम टोपी लगाने से कतराते थे, अब वे मदरसा और मस्जिद जा रहे हैं. इसके लिए भारत जोड़ो यात्रा एक प्रमुख कारण है और यात्रा के 15 दिन में ही प्रभाव दिखाई देने लगा है.
इसके साथ ही, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत अगर मुस्लिम समुदाय का विश्वास जीतना चाहते हैं, तो उन्हें बिलकिस बानो और मोहम्मद अखलाक के घर भी जाना चाहिए. दिग्विजय सिंह का यह बयान तब सामने आया है, जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अभी इसी हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली की एक मस्जिद और मदरसे का दौरा किया था.भारत जोड़ो यात्रा का दिख रहा असर
आरएसएस प्रमुख के अल्पसंख्यक समुदाय के साथ नजदीकियां बढ़ाने की पहल के संबंध में एक सवाल पर दिग्वजिय सिंह ने कहा कि अगर वह उनका (मुस्लिमों) विश्वास हासिल करना चाहते हैं, तो उन्हें 2015 में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) की एक घटना का शिकार हुए मोहम्मद अखलाक और सामूहिक बलात्कार की पीड़िता बिलकिस बानो के परिवार से मिलना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि भागवत का मस्जिद जाना कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के असर को दिखाता है.

